बेंगलुरु (कर्नाटक)। आयुष औषधि विभाग को राज्य एफडीए में विलय करने का कर्नाटक सरकार ने आदेश दिया है। आयुष के तहत आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध होम्योपैथी आते हैं। इन्हें राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के साथ विलय का आदेश जारी किया है। यह आदेश गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और केरल राज्यों के बाद आया है। इनके आयुष विभाग भी स्नष्ठ्र के अधीन हैं।
यह है मामला
कर्नाटक सरकार ने आयुष का राज्य एफडीए में विलय करने का आदेश जारी किया है। इससे आयुष से संबंधित सभी नियमन व्यापक औषधि नियंत्रण विभाग के साथ प्रभावी रूप से एकीकृत हो जाएँगे। इस कदम से सभी औषधियों के नियामक कार्यों को आधिकारिक रूप से एक ही प्राधिकरण के अंतर्गत लाने की उम्मीद है।
आयुष और एलोपैथिक दोनों प्रकार की औषधियों के लिए समान निगरानी से एकरूपता सुनिश्चित होगी। सरकार ने कहा कि लाइसेंसिंग, प्रवर्तन और परीक्षण संबंधी सभी कार्यों को संभालने वाला एक ही प्राधिकरण होगा। यह इनकी प्रयोगशालाओं की क्षमता को सुव्यवस्थित करेगा। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और केरल जैसे राज्य पहले ही आयुष को एकीकृत कर चुके हैं।
कर्नाटक भी अब केंद्रीकृत औषधि प्रशासन की इस व्यापक प्रवृत्ति के अनुरूप कदम उठा रहा है। इस विलय का व्यापक पहलू यह है कि इससे बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण होगा। वहीं, घटिया या नकली आयुष दवाओं से होने वाले जोखिम कम होंगे। इस विलय से दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता भी आएगी।