मुंबई। फार्मा सेक्टर के लिए चलाई जा रही उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत देश में अब 1,931 दवा उत्पादों का निर्माण हो रहा है। इनमें 191 बल्क ड्रग्स ऐसी हैं, जो पहली बार भारत में बनाई जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार इस योजना के तहत फार्मा सेक्टर की कुल बिक्री 3.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
बल्क ड्रग्स PLI योजना में करीब 41 उत्पादों को मंजूरी मिली है, जिनमें से 18 एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) का उत्पादन शुरू हो चुका है। इनमें पेनिसिलिन G, क्लैवुलैनिक एसिड, डेक्सामेथासोन, प्रेडनिसोलोन, एटोरवास्टेटिन, लेवोफ्लॉक्सासिन, टेल्मिसर्टन और डाइक्लोफेनाक सोडियम जैसे अहम कच्चे माल शामिल हैं।
योजना के तहत 26 जरूरी API के लिए करीब 55,000 मीट्रिक टन की उत्पादन क्षमता तैयार हुई है। इससे पैरासिटामोल, लेवोफ्लॉक्सासिन और नॉरफ्लॉक्सासिन जैसी दवाओं के लिए आयात पर निर्भरता घटने की उम्मीद है।
बल्क ड्रग्स योजना का कुल बजट 6,940 करोड़ रुपये है और इसमें लगभग 48 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। कंपनियों ने 4,329.95 करोड़ रुपये के वादे के मुकाबले 5,070.45 करोड़ रुपये का निवेश किया है। अब तक 87.70 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए गए हैं। हालांकि 28 API, KSM और इंटरमीडिएट्स के लिए क्षमता बनने के बावजूद इनमें से 10 का व्यावसायिक उत्पादन अभी शुरू नहीं हो पाया है।
