नई दिल्ली। पतंजलि घी को लेकर चल रही कंट्रोवर्सी पर बाबा रामदेव ने सफाई दी है। रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपों को षड्यंत्र बताते हुए कहा कि जानबूझकर अफवाह फैलाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि ना तो पतंजलि का घी नकली है और न ही दवाएं। बाबा रामदेव ने विदेशों में सर्जरी करवाने के दावों का खंडन किया है। योगगुरु ने कुछ लोगों पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया।
पतंजलि का घी 100 फीसदी शुद्ध
बाबा रामदेव ने कहा कि लोग पतंजलि का घी लेकर खुद लैब में जांच कराएं। घी में न कोई रिफाइंड ऑयल मिला है, ना कोई फैट। कोला कोला, नेस्ले जैसी विदेशी कंपनियों पर सवाल नहीं उठते। जबकि पतंजलि पर बार-बार निशाना साधा जाता है। न तो पतंजली का गाय का घी नकली है और न दवाई। आज तक पतंजलि की एक भी दवाई पर कहीं भी बैन नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन महीनों से बस पतंजलि के खिलाफ झूठ का षड्यंत्र फैलाया जा रहा है। पतंजलि के प्रोडक्ट्स को टारगेट करने के लिए झूठ का ऑपरेशन करवाया जा रहा है।
रामदेव के मुताबिक पतंजलि 15 करोड़ से ज्यादा गायों से दूध इकट्ठा करता है। उन दूधों से मलाई निकाली जाती है। फिर जो कम फैट वाला दूध बचता है, उसे भी बेचा जाता है। उस दूध से मिल्क पाउडर बनाया जाता है। उसी से दही, छाछ, पनीर तैयार किए जाते हैं। दूध से 5 तरह के बाय-प्रोडक्ट्स तैयार होते हैं। दूध की 80 फीसदी कॉस्टिंग निकाल ली जाती है। उन्होंने दावा किया कि पतंजलि घी में किसी भी जानवर की चर्बी या कोई भी अन्य मिलावट नहीं है।










