यमुनानगर (हरियाणा)। रेमडेसिविर दवा कंपनी को डेढ़ करोड़ का चूना लगा है। कंपनी में तैनात अकाउंटेंट ने यह गबन किया। उसने कंपनी के खाते व पेमेंट की हेरफेर कर लगभग डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी कर ली। यह रुपये उसने अपनी पत्नी व एक अन्य जानकार के खाते में भिजवाए। मामला पकड़ में आने पर आरोपित ने 43 लाख रुपये वापस किए। अब वह मकान का ताला लगाकर पत्नी सहित फरार हो गया। सदर यमुनानगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
यह है मामला
मैसर्स ओसकार रेमडीज के संचालक नवदीप ढींगरा के अनुसार उनकी कंपनी हिमाचल के कालाआंब में स्थित है। बाड़ी माजरा में कार्यालय बनाया हुआ है। कंपनी में यमुना विहार कालोनी निवासी आकाश दीप को अकाउंट के पद पर तैनात किया गया। आरोपित ही फर्म के खाते व बैंकिंग संबंधित सभी कार्य देखता था। शुरुआत में आरोपित ने पूरी मेहनत से काम किया और अपने भरोसे में ले लिया। बाद में फर्म के खाते में आनलाइन ट्रांसफर दी जाने वाली पेमेंट में हेराफेरी शुरू कर दी।
फर्म में जो भी पेमेंट आती, उसकी पूरी लिस्ट बनती। यह लिस्ट भी आरोपित के साइन के साथ ही तैयार की जाती। इसके बाद राशि ट्रांसफर होती। उस पर शक होने पर जांच की गई। दूसरी फर्मों ने जानकारी दी तो सामने आया कि आरोपित ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का हेरफेर किया। उसने यह राशि अपनी पत्नी राधा व दोस्त सुनील कुमार के खाते में ट्रांसफर कराई। इसके बाद आरोपित के विरुद्ध पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने आरोपित को बुलाया तो उसने 43 लाख रुपये वापस किए। वादा किया कि बाकी के रुपये वह अपना एक प्लाट बेचकर देगा। अब आरोपित व उसकी पत्नी मकान का ताला लगाकर फरार हो गए हैं।










