आगरा (यूपी)। सरकारी दवा बेचने पर मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस कैंसिल किया है। यह कार्रवाई औषधि विभाग ने फव्वारा स्थित वरदान मेडिकल एजेंसी मामले में की। बीते साल दिसंबर में मेडिकल एजेंसी से ईएसआईसी अस्पताल की दवाएं जब्त की गई थीं। नकली दवाओं की आशंका पर दो नमूने भी लिए थे। इनकी रिपोर्ट आना बाकी है।

जांच में पुष्टि होने पर केस दर्ज होगा

सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि वरदान मेडिकल स्टोर संचालक नकली और सरकारी दवाओं की अवैध बिक्री करता है। छापे के लिए दो जिलों की टीम को भेजा गया था। जांच करने पर ईएसआईसी अस्पताल की दवाओं से भरे 13 डिब्बे मिले थे। ये एंटीबायोटिक दवाएं थीं। इन पर गवर्नमेंट सप्लाई दर्ज था। डिब्बों की गिनती करने पर 1300 टैबलेट पाई गई थीं।

मेडिकल स्टोर के संचालक अंकुर अग्रवाल ने बताया था कि ये दवाएं मध्यप्रदेश से हॉकर देकर गया है। इस पर वरदान मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। टीम ने यहां से नकली की आशंका पर खून बढ़ाने वाले इंजेक्शन के दो नमूने भी लिए थे। इनकी रिपोर्ट आना बाकी है। रिपोर्ट में नकली की पुष्टि होने पर आरोपी विक्रेता के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।