अब जेनेरिक दवाओं की भी होगी ट्रैकिंग

नई दिल्ली। दवाओं की बिक्री में धांधलेबाजी को रोकने के लिए अब सरकार ने जेनेरिक दवाओं की भी होगी ट्रैकिंग करने का निर्णय लिया है। जेनेरिक के नाम पर नकली दवाएं बेचने और तापमान के नियमों की पालना नहीं करने वालों के खिलाफ एक डिवाइस तैयार की गई है। इस टू लेयर तकनीक के जरिए जेनेरिक दवाओं की घपलेबाजी को रोका जा सकेगा। ये ट्रैकिंग डिवाइस तापमान के साथ रोशनी की पहचान भी करेगा। यानि दवा का डिब्बा कितने तापमान पर रहा और कितनी बार इसे खोला गया। प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना (पीएमभाजप) के तहत सरकार इस ट्रैकिंग को अब शुरू करने जा रही है। दरअसल, ये अमेरिकी वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई तकनीक है, जिसे अब पूरी दुनिया में प्रयुक्त किया जा रहा है।
पीएमभाजप के सीईओ सचिन कुमार सिंह बताते हैं कि वैक्सीन, इंजेक्शन से लेकर कई तरह की दवाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें माइनस 2 से लेकर माइनस 20 के तापमान पर रखना पड़ता है। मगर जब दवाएं वेयर हाऊस से दूरदराज के डीलर तक पहुंचती हैं तो इस बीच इन दवाओं का तापमान क्या रहा? इसके बारे में किसी के पास जानकारी नहीं होती। इसका परिणाम यह होता है कि मरीज तक पहुंचते-पहुंचते ये दवा या वैक्सीन पानी की तरह हो जाती है। साथ ही कई बार देखने को मिलता है कि वेयर हाऊस से निकलने के बाद दवाओं को बदल दिया जाता है। इन्हीं घपलेबाजी को रोकने के लिए जेनेरिक दवाओं के साथ इस ट्रैकिंग डिवाइस को जोड़ा है। गौरतलब है कि अभी तक देश में जेनेरिक दवाओं को लेकर सरकार का एकमात्र वेयर हाऊस मानेसर में है। यहीं से पूरे देश में दवाएं सप्लाई की जा रही है। इसलिए सरकार ने वेयर हाऊस से निकलने वाले सभी ट्रकों के अंदर मौजूद दवाओं में से किसी एक बॉक्स में ये डिवाइस को चिपकाया जाएगा। वॉटर प्रूफ होने की वजह से इसका इस्तेमाल आसान है। डिवाइस कंपनी के पुनीत सिन्हा ने बताया कि वेयर हाऊस से निकले ट्रक में डिवाइस मौजूद रहेगी। यहां से निकलने के बाद जितनी बार भी ट्रक का तापमान कम या ज्यादा होगा, ये डिवाइस रिकॉर्ड करेगी। अगर ट्रक का दरवाजा खुलेगा तो अंदर रोशनी पहुंचते ही ये डिवाइस लाल रंग का अलर्ट देने लगेगी। इतना ही नहीं, जब ये डिवाइस डीलर तक पहुंचेगी तो दिल्ली में बैठे पता चलेगा कि डीलर ने भी नियमों का पालन किया है अथवा नहीं। यानि कि वेयर हाऊस से निकलने के बाद जनऔषधि केंद्र तक दवा के पहुंचने पर नजर रखी जाएगी। एक बार में ये डिवाइस 12 हजार डाटा सुरक्षित रख सकती है। बैटरी लगातार दो वर्ष तक चल सकती है।

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