अमानक दवा खा रहे मरीज 

जयपुर। प्रदेश में करीब 35 हजार दवा विक्रेताओं पर नजर रखने का दावा करने वाले औषधि नियंत्रण संगठन के पास अमानक दवा की जानकारी तत्काल इनके विक्रेताओं तक पहुंचाने का कोई भी ऑनलाइन तंत्र अब तक नहीं है। फिलहाल दवा का सैंपल अमानक होने के कई दिनों बाद वेबसाइट पर अपलोड होता है और उसके बाद धीर-धीरे विक्रेताओं को इसकी जानकारी मिल पाती है। इस दौरान हजारों मरीज इस अमानक दवा का सेवन कर चुके होते हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश में इस साल अब तक विभिन्न दवाइयों के 37 सैंपल अमानक घोषित किए जा चुके हैं। हाल ही में 8 दवाइयों के बैच अमानक श्रेणी के पाए गए हैं। इनमे सिप्ला, सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज, एरिस्टो फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज और एलकेम लेबोरेट्रीज की कुछ दवाइयों के बैच शामिल थे। संगठन पिछले कुछ सालों से यह प्रयास कर रहा है कि प्रदेश के सभी थोक व खुदरा दवा कारोबारियों के आंकड़े, मोबाइल नंबर व अन्य सभी जानकारियां उनके पास ऑनलाइन हो जाए। इसके लिए कुछ साल पहले गुजरात मॉडल अपनाने पर भी काम किया गया। इस मॉडल में दवा जांच प्रयोगशाला में दवा के किसी भी नमूने के अमानक आते ही एक मैसेज एक क्लिक के आधार पर सभी दवा विक्रेताओं तक उसकी जानकारी पहुंचा दी जाती है। उसके लिए राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी भी की जाती है। लेकिन कई साल से यह क्रियान्वित ही नहीं हो पाई है। औषधि नियंत्रण संगठन को पूरी तरह कंप्यूटराइज कर ऑनलाइन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। काफी समय से यह प्रक्रिया चल रही है। नए लाइसेंस अब ऑनलाइन ही जारी किए जा रहे हैं। लेकिन समस्या पुराने विक्रेताओं की बताई जा रही है। इन्हें ऑनलाइन डाटा दर्ज कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

यह रफ्तार विक्रेताओं पर ही छोड़ दी गई है। इससे अभी भी विभाग पूरी तरह डिजिटल नहीं हो पाया है और संगठन के दफ्तरों में लाल बस्तों में फाइलों के ढेर लगे हुए हैं। प्रदेश में इस समय एक सरकारी दवा जांच प्रयोगशाला जयपुर में क्रियाशील है। संगठन की ओर से महीने में दो बार अलर्ट नोटिस जारी किया जाता है। कोई दवा नमूना इससे पहले अमानक भी आ गया तो सभी नमूनों को कंपाइल कर उक्त तिथियों को ही अलर्ट नोटिस जारी किया जाता है। जबकि इस अंतराल में ही बड़ी संख्या में ये दवाइयां मरीजों तक पहुंच चुकी होती है। राजस्थान के औषधि नियंत्रक अजय फाटक का कहना है कि संगठन को ऑनलाइन किया जा रहा है। गुजरात मॉडल अपनाकर एक क्लिक पर सभी विक्रेताओं तक अमानक दवा के बैच की जानकारी तत्काल पहुंचाने पर हम काम कर रहे हैं। संभावना है कि यह जल्द शुरू हो जाएगा।

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