अस्पतालों में अमानक दवा कर डाली सप्लाई

जयपुर। सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयां सप्लाई करने का मामला प्रकाश में आया है। प्रदेश के अस्पतालों में कान में संक्रमण को रोकने वाली नि:शुल्क एंटी-बायोटिक दवा की 66 हजार से ज्यादा ड्रॉप सप्लाई कर देने के बाद इनकी जांच रिपोर्ट मिली तो पता चला कि ये दवाएं अमानक हैं। संक्रमण रोकने की बजाए ये खुद ही मरीज को खुजली, सूजन व दर्द दे सकती हैं। जांच में इस ईयर ड्रॉप में सफेद कण मिला और यह दवा मानकों के अनुरूप पारदर्शी भी नहीं थी। दवाओं के लगातार जांच में अमानक मिलने से न केवल निशुल्क दवाई की गुणवत्ता बल्कि राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएमएससी) के क्वालिटी एश्योरेंस से जुड़े अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।

हिमाचल प्रदेश की सनवेट हैल्थ केयर की नियोमाइसिन पॉलिमिक्सिन बी-सल्फेट एंड हाइड्रो कोर्टिसन ईयर ड्रॉप के 25 नमूने फेल यानी अमानक मिले हैं। इसकी जयपुर समेत अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा, सिरोही, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, चूरू, झूंझुनू, झालावाड़, बारां, धौलपुर, सीकर, नागौर, पाली व प्रतापगढ़ से नमूने लेकर जांच कराई गई थी। जांच में सफेद पर्टिकुलेट यानी कण तथा पारदर्शी नहीं होना पाया गया है। फार्मा एक्सपर्ट वी.एन.वर्मा का कहना है कि सरकार को चाहिए कि किसी भी कंपनी की दवा लेने से पहले निर्माण यूनिट, क्वालिटी, लेवलिंग व पैकेजिंग आदि का मौके पर जाकर निरीक्षण कराए।

वहीं, एसएमएस अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मानप्रकाश शर्मा व डॉ. मोहनीश ग्रोवर का कहना है कि नियोमाइसिन पॉलिमिक्सिन बी-सल्फेट एंड हाइड्रो कोर्टिसन ईयर ड्रॉप एक एंटी-बायोटिक दवा है। इसमें सफेद कण मिलने व पारदर्शी नहीं होने पर मरीज को साइड इफैक्ट में एलर्जी, खुजली चलना, दर्द, सूजन व पानी बहने की दिक्कत हो सकती है। ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि नि:शुल्क दवा योजना में अस्पतालों में सप्लाई की जाने वाली दवा के नमूने किसी तरह की शिकायत मिलने या आरएमएससी के कहने पर ही लिए जाते हैंं। फिर जांच रिपोर्ट के आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्यवाही की जाती है।  वर्ष 2018 में फेल होने वाले नमूनों में कृष्णा फार्मा के सर्जिकल स्प्रिट, स्कॉट आइडल का अमीकासिन इंजेक्शन, जी लैबोरेट्री का क्लोमीफीन टैबलेट, विनायक मेन्यूट्रेंड जयपुर का ब्लैक डिसइंफेक्टेंट (फेनिल), जी लैबोरेट्री का डेक्सामेथासोन इंजेक्शन, हाले वुड लैबोरेट्री का ओआरएस पाउडर, विवेक फार्मा जयपुर का पैरासीटामोल सिरप, डेफोडिल फार्मास्यूटिक्स का लिक्विड पैराफिन आदि है।

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