कोरोना वायरस के इलाज और भविष्य की महामारियों से लड़ने के लिए दवा के नये लक्ष्य की तलाश पूरी

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वाशिंगटन। वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के लिए जिम्मेदार सार्स-सीओवी-2 वायरस का इलाज करने और भविष्य की वैश्विक महामारियों से निपट सकने में सक्षम दवा के लिए एक नये लक्ष्य का पता लगाया है।अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी फिनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन के अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि वैज्ञानिकों को संभावित अगली कोरोना वायरस वैश्विक महामारी की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

फिनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन में माइक्रोबायोलॉजी-इम्युनोलॉजी के प्रोफेसर कारला सैचेल ने कहा, “भगवान न करे कि हमें इसकी जरूरत पड़े लेकिन हम तैयार रहेंगे।”

टीम ने इससे पहले वायरस प्रोटीन एनएसपी16 के ढांचे को चित्रित किया था जो सभी कोरोना वायरसों में मौजूद रहता है।

नया अध्ययन ऐसी अहम सूचनाएं उपलब्ध कराता है जो भविष्य के कोरोना वायरसों के साथ ही सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ दवा के विकास में मददगार हो सकती हैं।

सैचेल ने कहा, ‘‘सार्स-सीओवी-2/ कोविड-19 वैश्विक महामारी और भविष्य के कोरोना वायरसों के संक्रमणों से निपटने के लिए दवा के विकास को लेकर नये दृष्टिकोणों की बहुत आवश्यकता है।’’

भविष्य की दवा के पीछे का विचार यह है कि वह संक्रमण के शुरुआती चरण में ही काम करे।

सैचेल ने कहा, “अगर आपके आस-पास किसी को कोरोना वायरस का संक्रमण होता है तो आप दवा लेने के लिए पास की दवा दुकान भाग सकें और तीन से चार दिन इन्हें लें। अगर आप बीमार पड़ें भी तो बहुत ज्यादा बीमार न हो जाएं।”

अनुसंधानकर्ताओं ने तीन नये प्रोटीन ढांचों का त्रिआयामी दृश्यों में चित्रण किया है और तंत्र में एक गुप्त पहचानकर्ता की खोज की है जो वायरस को प्रतिरक्षा तंत्र से छिपने में मदद करता है।

उन्होंने एनएसपी 16 प्रोटीन में कोरोना वायरस उन्मुखी विशिष्ट स्थान का पता लगाया है जो वायरस के जीनोम टुकड़े को जोड़ता है।

इस हिस्से का इस्तेमाल कोरोना वायरस अपने सभी वायरस निर्माण ढांचों को बढ़ाने के लिए करता है।

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इन खास हिस्सों को लक्षित कर दवा बनाने की संभावना है जो कोरोना वायरस से इस प्रोटीन को काम करने से रोकेगी।

यह अध्ययन ‘साइंस सिग्नलिंग’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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