डब्ल्यूएचओ के आदेश के बावजूद इस्तेमाल हो रहीं ये दवाएं

पोकरण। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मरीजों को एंटीबायोटिक दवाइयों का उपयोग कम से कम करने के आदेश के बावजूद पोकरण क्षेत्र में इनका अधिक प्रचलन जारी है। पोकरण राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में वितरण होने वाली नि: शुल्क एंटीबायोटिक दवाइयों का आंकलन करे, तो गत एक वर्ष में करीब 4.10 लाख टेबलेट, इंजेक्शन व सीरप की खपत हो चुकी है। तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व नीजी दवाइयों की दुकानों पर तो इनकी खपत लाखों में है। डब्ल्यूएचओ की ओर से एक परिपत्र जारी कर एंटीबायोटिक दवाओं का कम से कम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी तरफ स्थानीय राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एंटीबायोटिक का जमकर वितरण हो रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार गत जनवरी 2018 से अब तक 4.10 लाख से अधिक एंटीबायोटिक दवाओं, इंजेक्शन व सीरप का वितरण किया जा चुका है।
पोकरण, भणियाणा, फलसूण्ड, सांकड़ा, जालोड़ा पोकरणा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित लाठी, खेतोलाई, रामदेवरा, लोहारकी, झाबरा, भीखोड़ाई, भैंसड़ा के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटीबायोटिक दवाओं का वितरण किया जा रहा है। एंटीबायोटिक दवाइयों के ज्यादा उपयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण उसके कम उपयोग को उचित बताने के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि मरीज की बीमारी व उसको ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दवाइयां देना जहां जरूरी है, वहां उसका उपयोग कम से कम मात्रा में करने की बात कही जाती है। बिना डॉक्टर की सलाह से ऐसी दवाइयों के उपयोग को कम से कम उपयोग में लेनी चाहिए। इससे शरीर में रोगों से लडऩे की क्षमता में कोई कमी नहीं आए तथा कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हो।
उधर, मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों पर नजर रखने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर मेडिकल दुकानों पर प्रतिदिन विक्रय की जाने वाली दवाइयों का हिसाब रखने के लिए अलग से रजिस्टर संधारण करने के निर्देश दिए हंै तथा समय-समय पर ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से रजिस्टर का भौतिक सत्यापन करने का प्रावधान बना रखा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से करीब 351 ऐसी एंटीबायोटिक दवाओं के कम उपयोग करने के लिए सरकार को आदेश दे रखे हैं।  राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पोकरण के चिकित्सालय प्रभारी डॉ.बाबूलाल गर्ग का कहना है कि अस्पाल के चिकित्सकों को एंटीबायोटिक दवा मरीज को कम से कम देने के आदेश दे रखे है तथा कम पॉवर की एंटीबायोटिक देने व ज्यादा जरूरत हो, तो कम मात्रा में उपयोग की हिदायत दी गई है।

Related Posts

FSSAI ने लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर चेतावनी दी

नई दिल्ली। FSSAI ने लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर चेतावनी दी है। एफएसएसएआई ने स्वास्थ्य पूरक और पोषक तत्वों के निर्माताओं और विक्रेताओं को चेताया है। उन्हें अनिवार्य लेबलिंग…

नकली ENO बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार

नई दिल्ली। नकली ENO बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। राजधानी के घोंडा और नांगलोई इलाके में छापेमारी की गई। इस दौरान नकली ENO और FeviKwik से जुड़ा कारोबार…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

FSSAI ने लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर चेतावनी दी

  • By Desk
  • October 21, 2026
  • 6 views
FSSAI ने लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर चेतावनी दी

नकली ENO बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार

  • By Desk
  • October 21, 2026
  • 5 views
नकली ENO बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार

फार्मा कंपनी से हैकरों ने 30 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी

  • By Desk
  • October 21, 2026
  • 4 views
फार्मा कंपनी से हैकरों ने 30 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी

दुकान पर रेड कर 50 लाख की अवैध नशीली दवाएं जब्त

  • By Desk
  • October 21, 2026
  • 5 views
दुकान पर रेड कर 50 लाख की अवैध नशीली दवाएं जब्त

कैंसर की 137 दवाएं 70 फीसदी तक सस्ती, कितना पड़ेगा असर?

  • By Desk
  • October 21, 2026
  • 6 views
कैंसर की 137 दवाएं 70 फीसदी तक सस्ती, कितना पड़ेगा असर?

पहाड़ों की सेहत पर शोध के लिए केलांग में बनेगा ICMR का रिसर्च सेंटर

  • By admin
  • October 20, 2026
  • 15 views
पहाड़ों की सेहत पर शोध के लिए केलांग में बनेगा ICMR का रिसर्च सेंटर