दवाओं के नाम पर गायों को दिया जा रहा है जहर, इंसानों के लिए भी खतरा

oxytocin injection: जोधपुर में सामने आया कि बहुत सारे पशुपालक दूध बढ़ाने के लालच में पशुओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गाय ज्यादा से ज्यादा दूध दे सके इसके लिए उन्हें हानिकारक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन (oxytocin injection) लगाया जा रहा है। ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पशुओं के साथ-साथ इंसानों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल रहे हैं। इंजेक्शन वाला दूध इंसान पी रहे हैं जो कई बीमारियों का बड़ा कारण बढ़ रहा है।

पुरुषों को नपुंसक बना रहा है ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन (oxytocin injection)

इंजेक्शन का दूध पीने से पुरुषों में नपुंसकता बढ़ रही है। इसके साथ ही डायबिटीज और किडनी रोग का कारण भी बन रहा है। साथ ही महिलाओं में महावारी को नियंत्रित कर रहा है। बच्चे वक्त से पहले बड़े हो रहे हैं। मिल्कमैन कॉलोनी के पशु बाड़ों में यह इंजेक्शन खुलेआम बिकने की शिकायत मिलने पर एक समाचार पत्र ने वहां पर जाकर देखा तो शिकायत सही मिली।

गौशाला में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की 50-50 रुपए  में बिक्री

मिल्कमैन कॉलोनी (गौशाला) में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की 200 एमएल की बोतल भी 50 रुपए थी और 150 एमएल की बोतल भी 50 रुपए में धड़ल्ले से बिक रही है। लेकिन इन सबके बावजूद औषधि नियंत्रण विभाग संगठन आंखे बंद  करके बैठा है। ये इंजेक्शन पशुओं के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डाल रहा है इसके साथ ही  ये इंजेक्शन दूध से मानव शरीर में पहुंच नुकसान पहुंचा रहा है।

ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पशुओं की बीमारी का दूध बढ़ाने का नहीं 

पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. संजय कृष्ण व्यास ने बताया कि दूधारू पशुओं में इसका उपयोग बहुत है। ये मिल्क बढ़ाने के साथ उनकी बॉडी रिलेक्स, एग व स्पर्म रिलीज आदि करने का कार्य करता है। लेकिन कोई अति कर रहा है तो खराब है।

ये भी पढ़ें- नालंदा के गांवों में अब मरीजों के इलाज के लिए टेलीमेडिसिन सेवा उपलब्ध

यदि कोई पशुपालक लंबे समय तक गाय को इंजेक्शन लगा रहा है तो उसके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इस इंजेक्शन की लाइफ तीन मिनट की होती है, जो बाद में बाहर आ जाता है। ये एक हार्मोन है, जो बॉडी खुद बनाती है। इसका उपयोग पशुओं की बीमारी तक ठीक है।

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