नशे में इस्तेमाल हो रही कैंसर व दर्द की यह दवा, 42 हजार गोलियों के साथ छह गिरफ्तार

नई दिल्ली। कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने उच्च गुणवत्ता की 42 हजार दर्द निवारक ट्रामाडोल की गोलियों के साथ छह लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद दवा कैंसर व किसी अन्य कारणों से अत्याधिक दर्द होने पर दर्दनिवारक के तौर पर दी जाती है। आरोपितों ने बताया कि वे 20 रुपये प्रति गोली के हिसाब से खरीद करते थे। फिर इसे पंजाब में ले जाकर दस गुने दाम पर बेच देते थे। यह गोली पंजाब में हेरोईन के विकल्प के तौर पर उभर कर आई है। नशे के आदी युवा हेरोईन न मिलने पर इसी दवा का सेवन करते हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2018 से पहले तक ट्रामाडोल को लेकर विशेष दिशा-निर्देश नहीं थे। लेकिन आइएसआइ द्वारा इस दवा की तस्करी नशे के तौर किए जाने के कारण केंद्र सरकार ने इसे अनुसूचित सूची में डाल दिया। इसके बाद से इसके खरीद और बिक्री पर कई प्राविधान भी लगाए गए हैं।

आरोपित इस दवा को इस्तेमाल नशे की गोली के तौर पर करते थे। आरोपितों की पहचान बठिंडा निवासी सेवक, विनोद और बहोद सिंह व दिल्ली के फर्सखाना निवासी नावेद, गीता कालोनी निवासी गौरव कालरा व गाजियाबाद के लोनी निवासी नरेंद्र के तौर पर हुई है। आरोपितों में नावेद, गौरव व नरेंद्र हिमाचल प्रदेश से दवा लाकर भागीरथ पैलेस में रखते थे और फिर अवैध तौर पर तस्करी करने वाले बठिंडा निवासी आराेपितों को बेचते थे। फिर तस्कर दवा को पंजाब में ले जाकर नशे की गोली के तौर पर काफी महंगे कीमतों पर बेचते थे।

उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त एंटो एल्फोंस ने बताया कि गुरुवार की रात थानाक्षेत्र के छत्ता पुल के पास पुलिस कोविड प्राविधानों का पालन कराने के लिए टीम तैनात थी। एएसआइ रविंद्र ने देखा कि एक कैब में बिना मास्क के तीन लोग बैठे हुए हैं। पुलिसकर्मियों ने कार रुकवाई और चालान करने की तैयारी ही कर रह रहे थे कि उनका ध्यान कार में रखे सफेद रंग के बैग पर गया। जांच करने पर उनमें दवा की गोलियां मिलीं। गोलियों की संख्या करीब 42 हजार थी। तीनों आरोपितों दवा से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा पाए। जांच में यह भी पता चाल कि यह गोलियां ट्रामाडोल है, जिसका इस्तेमाल कैंसर के इलाज में बतौर दर्द निवारक के तौर पर होता है।

इसमें अफीम की मात्रा अधिक होने के चलते इसकी खरीद बिक्री कई नियमों के तहत होती है। अधिकारी ने बताया कि तीनों आरोपितों की पहचान सेवक, विनोद और बहोद सिंह के तौर पर हुई। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि कि वे ट्रेमाडोल को पंजाब में ले जाकर बेचते थे, जहां पर नशे की गोली के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जाता था। वह साल भर से इस दवा की तस्करी कर करते थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में दवा कंपनी व मेडिकल स्टोर संचालकों की सांठगांठ की बात सामने आ रही है। संबंधित दवा कंपनी से भी पुलिस की टीम पूछताछ करेगी।

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