भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवा के साथ छह तस्कर काबू

चंदौली। नशीली दवाओं का कारोबार लगातार बढ़ता ही जा रहा है। भारी मात्रा में रोज नशीली दवाओं को जब्त किया जा रहा है। साथ ही आरोपियों की भी काबू किया जा रहा है उसके बावजूद नशे का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बता दें कि चकिया चौराहे के पास से पुलिस ने साढ़े तीन सौ पेटी प्रतिबंधित दवाइयां बरामद कर छह अंतरप्रांतीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्कर वाराणसी से तीन वाहनों से प्रतिबंधित दवाइयां लेकर पश्चिम बंगाल जा रहे थे।एएसपी दयाराम सरोज ने बताया कि पकड़े गए वाहनों में कुल 349 पेटियों में 34900 शीशी प्रतिबंधित दवा मिली। ट्रक से 150 पेटी, लग्जरी कार से 24 पेटी और पिकअप वाहन से 75 पेटी रखा मिला।

ड्रग्स इंसपेक्टर रामलाल के अनुसार प्रत्येक शीशी में 20 ग्राम कोडिन फास्फेट आईपी मिला है। सीओ सदर अनिल राय ने बताया कि आरोपित तस्कर मेडिकल स्टोर के इनवाइस पर कम्पनी से माल मंगाकर ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से गोदाम तक ले जाते हैं। दवा को मेडिकल स्टोर पर न भेजकर फर्जी गोदाम बनाकर एकत्र करते हैं। इसके बाद वाहनों पर लादकर पश्चिम बंगाल सप्लाई कर देते हैं। इसकी अच्छी खासी कीमत मिलती है। इस दवा के लोग नशे के रूप में इस्तेमाल करते हैं। गोरखधंधा करीब तीन वर्षों से वाराणसी के एवर्ट कंपनी के गोदाम के आसपास छिपकर रात में छोटी-बड़ी गाड़ियों से तस्करी करायी जा रही है।

एएसपी दयाराम सरोज ने बताया कि प्रतिबंधित दवाइयों की तस्करी की सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच व अलीनगर पुलिस टीम चकिया चौराहे पर वाहनों की जांच कर रही थी। इस दौरान टीम ने ट्रक, कार और पिकअप की जांच की। तीनों वाहनों से 349 पेटियों में 34900 शीशी प्रतिबंधित दवाइयां मिलीं। दवाइयों को सीज करते हुए पुलिस ने छह तस्करों को भी गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए तस्करों में एक आजमगढ़, दो वाराणसी, एक चंदौली, एक पश्चिम बंगाल और एक प्रतापगढ़ का निवासी है। आरोपित तस्कर आजमगढ़ जिले के मंडा निवासी विशाल दुबे, वाराणसी के चांदपुर निवासी राजन भारती, वाराणसी के पंडितपुर निवासी नंदू भारद्वाज, मुगलसराय के अमुआ निवासी रोहित, पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के दाइपाड़ा भीटी रोड निवासी अब्दुल्ला खान व प्रतापगढ़ जिले के नियामक निवासी संतोष शामिल हैं।

संगठित गिरोह नालांदा ट्रांसपोर्ट व लाइसेंसी मेडिकल स्टोरों के माध्यम से एबोट कंपनी से माल निकलवाकर एक अपना गोदाम अलग बनाए हुए हैं। जहां से धीरे-धीरे माल वाराणसी से बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल सप्लाई की जाती है। गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी राजीव सिंह, अलीनगर थाना प्रभारी संतोष सिंह, एसआई श्रीकांत पांडेय, सत्येंद्र यादव, शिवबाबू यादव, अजीत सिंह आदि पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस को तस्करों से पूछताछ में काफी जानकारी हाथ लगी। पुलिस के अनुसार तस्कर दवा को मेडिकल स्टोर पर भेजने की बजाय बनारस में फर्जी गोदाम पर इकट्ठा कर लेते थे। इसके बाद उसे वाहनों पर लादकर पश्चिम बंगाल सप्लाई कर देते थे।

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