मासिक धर्म आमतौर पर हर महिला के जीवन की एक आम प्रक्रिया है। पीरियड सिर्फ प्रजनन के लिए ही जरुरी नहीं होता बल्कि यह स्वास्थ्य के बारे में भी बताता है। क्या आपको मालूम है कि आपका अंतिम पीरियड कब हुआ और कितने दिनों तक रहा? यदि नहीं तो आपको अभी से अपने पीरियड पर नजर रखनी चाहिए। पीरियड्स की डेट को ट्रैक करने से यह समझने में मदद मिलती है कि आपके लिए क्या सामान्य है। इसके साथ ही ओव्यूलेशन टाइम और जरूरी बदलावों को भी समझने में मदद मिलती है। यदि आपका पीरियड अनियमित है तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए हर महिला को अपने पीरियड को समझना बेहद जरूरी है।
पीरियड क्या है?
हर महीने महिलाओं के अंडाशय से एक अंडा निकलता है। इस प्रक्रिया को ओव्यूलेशन कहते हैं। इस दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होता है और गर्भाशय प्रेगनेंसी के लिए तैयार होता है। ओव्यूलेशन के समय जब अंडा फर्टिलाइज नहीं होता है गर्भाशय की परत योनि से बहकर बाहर निकलने लगती है। इसे पीरियड या मासिक धर्म कहते हैं।
सामान्य मासिक धर्म
अनियमित होने के कारण
आमतौर पर कई कारणों से पीरियड अनियमित होता है। स्तनपान कराने, अधिक वजन घटाने या अधिक एक्सरसाइज करने, खानपान की खराब आदतों, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज और यूट्रेरिन फाइब्रॉयड के कारण मासिक धर्म अनियमित होता है।
महिलाओं को अपने मासिक धर्म को नियमित करने के लिए बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही जीवनशैली में बदलाव और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य समस्याओं के उचित इलाज से भी अनियमित पीरियड की समस्या को दूर किया जा सकता है।
इस तरह हर महीने आप भी अपने पीरियड को ट्रैक करके अपने स्वास्थ्य की स्थिति समझ सकती हैं। हेल्दी पीरियड आमतौर पर अच्छे स्वास्थ का संकेत माना जाता है इसलिए हर महिला को अपने पीरियड पर नजर रखनी चाहिए।










