चंडीगढ़। ड्रग रैकेट से जुड़ी काला अंब की फर्म को सील किया गया है। मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर बड़ी कार्रवाई की गई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने काला अंब स्थित वेलिंटन हेल्थकेयर को सील कर दिया। छापेमारी के बाद ड्रग्स का एक विशाल भंडार जब्त किया है।
यह है मामला
डिजिटल विजऩ की सहयोगी कंपनी वेलिंटन हेल्थकेयर, पार्टनर अनुज कुमार की हाल ही में गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद कंपनी जांच के घेरे में आ गई। यह कथित तौर पर नशीली दवाओं के अवैध लेन-देन में शामिल थे। कुमार ने वेलिंटन के संचालन में किसी भी भूमिका से इनकार किया। दावा किया कि उन्हें जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए उनके हस्ताक्षर जाली थे।
अधिकारियों ने ट्रामाडोल के 50,000 इंजेक्शन, एक अन्य नशीले पदार्थ के 5,000 इंजेक्शन, 12 किलो ट्रामाडोल पाउडर और 500 ग्राम डायजेपाम सहित अन्य दवाओं की बरामदगी की पुष्टि की है।
सहायक औषधि नियंत्रक गरिमा शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल विजऩ जोधपुर और देहरादून की फर्जी वितरक फर्मों को भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल और कफ सिरप की आपूर्ति की गई थी। इसमें एक अंतरराज्यीय रैकेट में प्रमुख खिलाड़ी के रूप में आरोपी काम कर रहा था। ये संस्थाएं केवल कागज़ों पर ही मौजूद थीं। भुगतान का पता पहले से ही हिरासत में मौजूद एक सह-अभियुक्त से चला। अब तक एकत्र साक्ष्य बताते हैं कि 48 लाख से ज़्यादा ट्रामाडोल कैप्सूल और 12,000 कफ सिरप की बोतलें इधर-उधर की गईं।
डिजिटल विजऩ को इससे पहले 2020 में विवादों का सामना करना पड़ा था। तब उसके ज़हरीले कफ सिरप का संबंध उधमपुर में 12 शिशुओं की मौत से जुड़ा मिला था। इससे एक बार फिर फर्म के संचालन पर गहरा असर पड़ा।










