नई दिल्ली। निमेसुलाइड दवा 100 एमजी से ज्यादा बनाने-बेचने पर बैन लग गया है। केंद्र सरकार ने दर्द और बुखार में इस्तेमाल होने वाली निमेसुलाइड की अधिक डोज की दवाओं के संबंध में ये निर्णय लिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा है। यह दर्द तो कम करती है, लेकिन इसकी ज्यादा डोज से लिवर खराब होने का खतरा रहता है। यह प्रतिबंध केवल 100 मिलीग्राम वाली निमेसुलाइड पर लागू होगा। जबकि कम डोज की दवाएं मिलती रहेंगी। निमेसुलाइड ब्रांड वाली कंपनियों को अब ज्यादा डोज वाली दवाओं का प्रोडक्शन बंद करना होगा। जो दवाइयां पहले से बाजार में मौजूद हैं, उन्हें वापस मंगाना होगा।