लखनऊ (यूपी)। थोक दवा के लाइसेंस अब आवासीय क्षेत्रों में जारी नहीं होंगे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नए थोक दवा के लाइसेंस के लिए निर्देश जारी किए हैं। कोडीनयुक्त सीरप की अवैध बिक्री के बाद यह दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अब थोक दवा लाइसेंस आवासीय क्षेत्रों और भवनों में नहीं जारी किए जाएंगे। लाइसेंस के लिए जरूरी अनुभव प्रमाण पत्र देने वाली फर्म को वेतन और उपस्थिति का ब्यौरा भी देना होगा। ऐसे लोग या फर्म जिनके खिलाफ ड्रग एक्ट में कार्रवाई हुई हो, उन्हें नया लाइसेंस नहीं मिलेगा। एफएसडीए आयुक्त रोशन जैकब ने थोक दवा लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ व पारदर्शी बनाने के लिए नए निर्देश दिए हैं। इनमें कहा है कि आवेदनकर्ता को जिस जगह व्यापार करना है, उसका पंजीकृत किराया समझौता देना होगा। यदि भवन स्वामी ब्लड रिलेशन में हो तो उसे नवीनतम अनापत्ति प्रमाण पत्र देना होगा।
यदि आवेदक स्वयं परिसर का मालिक होगा तो रजिस्ट्री का अभिलेख देना होगा। जहां कार्य शुरू होना है, वह जगह शटर लगी दुकान और सडक़ पर होना जरूरी होगा। निरीक्षण के समय जीपीएस लोकेशन, दवा भंडारण की व्यवस्था आदि प्रदर्शित करते हुए फोटो देनी होगी। नक्शे को सत्यापित करते हुए रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। आयुक्त ने सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है।










