नई दिल्ली। मैक्स-फॉर्टिस सहित 51 अस्पतालों को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा है। एससी ने कहा कि सस्ते दामों पर जमीन लेने के बाद भी इन अस्पतालों ने गरीब लोगों को मुफ्त इलाज नहीं दिया। इन अस्पतालों को कोर्ट की अवमानना का नोटिस भी जारी किया है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार और जमीन देने वाली एजेंसियों को भी लापरवाही बरतने पर फटकारा है।
अस्पतालों को बताना होगा कि कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई उनके खिलाफ क्यों न की जाए। उन्हें दी गई रियायतें क्यों न वापस ली जाएं। कोर्ट ने यह आदेश 24 फरवरी को दिया था। इस बारे में दिल्ली सरकार ने 18 फरवरी को कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था।
कोर्ट ने 9 जुलाई 2018 के अपने फैसले को लागू करने के बारे में जानकारी मांगी थी। इस फैसले में कहा गया था कि जिन निजी अस्पतालों को सस्ती दर पर जमीन दी गई है। वे अपनी ओपीडी सेवाओं का 25 फीसदी इलाज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त देंगे।
इस नियम का कड़ाई से पालन करना था। सरकार की रिपोर्ट में बताया गया कि कई अस्पताल इस नियम का पालन नहीं कर रहे थे। नवंबर 2025 में 14 अस्पताल नियम तोड़ते पाए गए। अक्टूबर से दिसंबर 2025 की जांच में 37 और अस्पताल डिफॉल्टर पाए गए। ऐसे में अब कोर्ट ने 51 अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।










