नई दिल्ली। दवा के रॉ मटीरियल निर्यात में भारत ने इतिहास रच दिया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत का रॉ मटीरियल (API) का एक्सपोर्ट करीब 41,500 करोड़ रुपए रहा। यह कुल 39,215 करोड़ रुपए के इंपोर्ट से ज्यादा है। यह जानकारी केमिकल्स और फर्टिलाइजर्स मिनिस्टर जेपी नड्डा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान दी। मिनिस्टर ने कहा कि केंद्र सरकार ने घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ावा देने और इंपोर्ट कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

पेश किए एक्सपोर्ट-इंपोर्ट के आंकड़े

नड्डा ने बताया कि एक्सपोर्ट 41,493 करोड़ रुपए है। वहीं इंपोट 39,215 करोड़ रुपए है। यह साफ होना चाहिए कि हम जितना इंपोर्ट कर रहे हैं, उससे ज्यादा एक्सपोर्ट कर रहे हैं। सेंटर ने 6,940 करोड़ रुपए के खर्च के साथ स्कीम शुरू की है। मार्केट को बनाए रखने के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी और मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस तय किया है। केंद्र फार्मा सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी कदम उठा रहा है। इस स्कीम के नतीजे में दिसंबर 2025 तक कुल 2,720 करोड़ की बिक्री हुई है। इसमें 527.96 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट शामिल है। इससे 2,192.04 करोड़ रुपए के इम्पोर्ट से बचा जा सका है। इस स्कीम से दिसंबर 2025 तक 4,896 लोगों को रोजग़ार भी मिला है।