नई दिल्ली। भारतीय दवा कंपनियों ने सेमाग्लूटाइड के जेनेरिक रूप पेश किए हैं। प्रमुख फार्मा टॉरेंट, एल्केम और यूएसवी ने मधुमेह उपचार की जेनेरिक दवाएं बाजार में उतारने की घोषणा की।
टॉरेंट फार्मा ने ‘सेम्बोलिक’ और ‘सेमालिक्स’ नाम से दवाएं पेश की हैं। ये टेबलेट और इंजेक्शन दोनों रूपों में उपलब्ध हैं। कंपनी ने कहा कि इससे मरीजों को किफायती इलाज का विकल्प मिलेगा। एल्केम लैबोरेटरीज ने ‘सेमासाइज़’, ‘ओबेस्मा’ और ‘हेपाग्लाइड’ नाम से सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन बाजार में उतारा है। उसे औषधि महानियंत्रक से इस दवा के निर्माण और बिक्री की मंजूरी मिल चुकी है।
यह दवा टाइप-2 मधुमेह और वजन नियंत्रण में आहार और व्यायाम के साथ उपयोग की जाती है। यूएसवी लिमिटेड ने डॉ. रेड्डीज के साथ मिलकर ‘यूसेमा’ नाम से इंजेक्शन पेश किया है। यह टाइप-2 मधुमेह के इलाज में उपयोगी है। बता दें कि देश में 10 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से प्रभावित हैं।










