लखनऊ (यूपी)। अस्पताल की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अलीगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता को ओटी में लिटाकर डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ सो गया। करीब आधे घंटे बाद तकलीफ बढऩे पर प्रसूता ने शोर मचाया। अस्पताल के किसी कर्मचारी ने नहीं सुना। ओटी के बाहर बैठे तीमारदार चीख सुनकर भीतर पहुंचे। प्रसूता को इस हालत में देख नाराज तीमारदार ने हंगामा किया। आनन-फानन में कर्मचारी और डॉक्टर ओटी पहुंचे और सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसूता के पति ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की है।
यह है मामला
जानकीपुरम निवासी अमित ने बताया कि पत्नी मीनाक्षी को प्रसव पीड़ा होने पर अलीगंज सीएचसी की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। उस दौरान डॉक्टर व स्टाफ सो रहे थे। काफी देर इंतजार के बाद गर्भवती को कर्मचारी ओटी में लेकर गए। कर्मचारियों ने जांच करके बताया कि प्रसव में समय लगेगा। थोड़ा इंतजार करो। ओटी में रखी टेबल पर प्रसूता को लिटाकर सभी चले गए।
कुछ देर बाद तकलीफ बढ़ गई तो प्रसूता ने शोर मचाया। प्रसूता की तेज आवाज कर्मचारियों ने नहीं सुनी। जबकि ओटी के बाहर बैठे पति व सास ने आवाज सुनते ही ओटी के भीतर पहुंचे। दूसरे कमरे में सो रहे कर्मचारियों को उठाया। आनन-फानन डॉक्टर आए व प्रसूता का सुरक्षित प्रसव कराया। पति का कहना है कि लापरवाही की वजह से पत्नी की जान जा सकती थी। इसकी अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई। प्रसूता को सीएचसी से छुट्टी मिल गई है।










