आगरा (उप्र)। नकली दवा मामले में औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पांच फर्म के लाइसेंस कैंसिल कर दिए हैं। लखनऊ और पुडुचेरी की फर्म के लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट भेज दी है। इन पांच फर्म की करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं अभी भी सीज हैं।
यह है मामला
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि पांच गोदामों में करीब 71 करोड़ रुपये की नकली दवाएं सीज की थी। इसमें यूनिस, वारिस, विक्की कुमार, सुभाष कुमार, हिमांशु अग्रवाल और फरहान के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था। एक करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में भी केस दर्ज हुआ था। पुडुचेरी से नामी कंपनियों के नाम की नकली दवाओं की कालाबाजारी की जा रही थी। इस पर के एंड फार्मा, हे मां मेडिकॉज, बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडी पॉइंट, और ताज मेडिको के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। पहले इनके लाइसेंस निलंबित किए गए थे। अन्य फर्म की जांच चल रही है।
इन फर्म के गोदाम से एंटीबायोटिक समेत अन्य 28 नमूने लिए थे। इसमें से एक में घटिया दवाएं मिलीं। बाकी 27 पास हो गए थे। दवाओं की जांच करने पर ये पुडुचेरी में बनी पाई गईं। टीम ने पुडुचेरी में दो स्थानों पर नकली दवाओं की फैक्टरी पकड़ी। यहां पर 50 करोड़ रुपये की दवाएं, कच्चा माल और मशीनरी मिलीं।










