पटना (बिहार)। किशोर की मौत के बाद भी पैसों के लिए शव आईसीयू में रखा जाने का मामला सामने आया है। राजाबाजार स्थित पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल में एक किशोर की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मौत के बाद परिजन शव को सडक़ पर रखकर प्रदर्शन करने लगे और पथराव किया। पथराव में अस्पताल के शीशे, गमले टूट गए। वहीं पार्किंग में खड़ी गाडिय़ों को भी नुकसान पहुंचा। प्रदर्शन के कारण नेहरू पथ की एक लेन डेढ़ घंटे तक जाम रही। हंगामा की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस के साथ भी लोगों ने हाथापाई की।
यह है मामला
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उपचार में लापरवाही बरती गई। बाद में पुलिस ने किसी तरह परिजनों को समझाकर वहां से हटाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस बाबत फुलवारी में हत्या का मामला दर्ज किया गया। वहीं तोडफ़ोड़ मामले में शास्त्रीनगर में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपित रिटायर दारोगा के पुत्र रजनीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
रूपसपुर थाना क्षेत्र के महुआबाग टहलटोला में बिहारशरीफ निवासी ऋषि कुमार का 15 वर्षीय विशाल कुमार दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। एक रिटायर्ड दारोगा के बेटे से किसी बात पर विवाद हो गया। उसने विशाल के सिर पर बैट से हमला कर दिया। इससे वह मौके पर ही बेहोश हो गया। उसे तुरंत पारस अस्पताल लाया गया तथा आईसीयू में भर्ती कराया गया। किशोर की मौत होने के बाद परिजन भडक़ गए। उनका आरोप था कि बच्चे की मौत हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी केवल पैसा लेने के लिए उसे आईसीयू में रखा गया।










