नई दिल्ली। वेट लॉस की दवा की अनधिकृत बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन दवाओं की बढ़ती मांग के बीच औषधि महानियंत्रक ने इनके वितरण और बिक्री पर निगरानी कड़ी कर दी है। नियामक एजेंसियों ने अनधिकृत बिक्री और भ्रामक प्रचार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
भारतीय बाजार में GLP-1 आधारित वेट लॉस दवाओं के कई जेनेरिक संस्करण आए हैं। इनके बाद इनकी मांग के अनुसार उपलब्धता को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना उचित चिकित्सकीय निगरानी के इन दवाओं का उपयोग गंभीर दुष्प्रभाव दे सकता है। इसके चलते औषधि महानियंत्रक ने फार्मास्यूटिकल सप्लाई चेन में अनियमितता रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य इन दवाओं की अनधिकृत बिक्री और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना है।
सभी दवा निर्माताओं को एक व्यापक परामर्श जारी किया गया है। इसमें सरोगेट विज्ञापनों और किसी भी प्रकार के अप्रत्यक्ष प्रचार पर स्पष्ट रूप से रोक लगाई गई है। इससे दवाओं के ऑफ-लेबल इस्तेमाल को बढ़ावा देने की संभावना खत्म की जा सकेगी।
पिछले कुछ हफ्तों में प्रवर्तन गतिविधियों को भी तेज किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 49 संस्थाओं का ऑडिट और निरीक्षण किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं।










