हरिद्वार (उत्तराखंड)। दवाओं की डिलीवरी करने पर जोमैटो और ब्लिंकिट पर प्रतिबंध लग सकता है। औषधि विभाग ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण विभाग को इस संदर्भ में पत्र लिखा है। पत्र में रोक की सिफारिश की है।
दरअसल, कोविड के समय से दवाओं की ऑनलाइन बिक्री का प्रचलन शुरू हुआ। अब इसमें तेजी से इजाफा हो रहा है। लोग जरूरत की दवाओं को जोमैटो या ब्लिंकिट जैसी कंपनियों से मंगा रहे हैं। इससे नशे की और नकली दवाओं की आपूर्ति बढऩे का खतरा है। वहीं बिना डॉक्टर के पर्चें के दवाओं की बिक्री का प्रचलन भी बढ़ रहा है। ऐसे में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अब दवाओं की होम डिलीवरी प्रतिबंधित करने की सोची है।
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण विभाग को सिफारिश की गई है। पूरे देश के मेडिकल स्टोर संचालक दवा की ऑनलाइन बिक्री रोकने की मांग कर रहे हैं। वजह यह है कि ऑनलाइन आपूर्ति करने वाली कंपनियां दवाओं पर डिस्काउंट दे रही हैं। कम दर पर दवाएं मिलना लोगों के लिए अच्छा है। ऑन लाइन पोर्टल से होने वाली बिक्री को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है।










