लखनऊ (उप्र)। नकली दवा रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। छापेमारी के दौरान तीन मेडिकल स्टोर सीज किए हैं। औषधि विभाग की टीम ने फव्वारा स्थित 15 मेडिकल फर्मों पर छापा मारा। मेडिकल स्टोरों के रिकॉर्ड खंगाले। इनमें दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल में गड़बड़ी मिली है।

नकली और सरकारी दवाएं भी मिली हैं। इनकी जांच के नमूने लिए जा रहे हैं। तीन फर्म सीज कर दी गई हैं। एक फर्म पर सरकारी और नामी कंपनी की संदिग्ध दवाएं जब्त की हैं। दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल नहीं मिले। स्टॉक रजिस्टर से भी दवाओं का मिलान नहीं हुआ। इनमें भारी अंतर पाया गया। कई दवाएं संदिग्ध मिली हैं। इनको जब्त कर लिया है। सरकारी अस्पताल सप्लाई दवाएं भी मिली हैं। तीन फर्म सीज कर दी हैं।

टीम में पांच-छह महिला अधिकारी भी

टीम में औषधि विभाग के 30 अधिकारी शामिल हैं। इसमें पांच-छह महिला अधिकारी भी शामिल हैं। ये दवा विक्रेताओं और दवाओं की सूची बनाकर लाए थे। 15 टीमें बनाईं। इन्होंने एक साथ 15 फर्मों पर छापा मारा। बीते तीन महीने के रिकॉर्ड भी जांचे।

दवाओं की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, लैपटॉप, कंप्यूटर और रजिस्टर जब्त कर लिए हैं। पहली बार छापे में इतने अधिकारी और पुलिस मौजूद रहे। इससे दवा बाजार में अफरातफरी रही। इसमें कई संचालक अपनी फर्म बंद कर भाग गए हैं। इन सभी की सूची बनाई है। इन स्टोरों पर भी जांच होगी। अगर मेडिकल स्टोर नहीं खोले गए तो इनको सीज कर दिया जाएगा।