लखनऊ। नकली दवा की बिक्री असली बिल पर करने का भंडाफोड़ हुआ है। मौके से करोड़ों रुपये का माल जब्त किया गया है। नकली-सैंपल की दवाओं की तस्करी का खेल फर्म संचालक के लैपटॉप से उजागर हुआ। आरोपी फर्म ने असली बिल से कई राज्यों में नकली दवाएं खपा दीं। फर्म के रिकॉर्ड भी सही पाए जा रहे थे। लेकिन लैपटॉप ने सारे राज खोल दिए। इसके बाद विशेष टीम ने आगरा में रेड कर करोड़ों की दवाएं जब्त की।

आरोपी फर्म ने कई राज्यों में टीबी, मधुमेह, पेट रोग, एलर्जी आदि की दवाएं बेचीं। आशंका है कि 500 करोड़ रुपये की दवाएं बेच दी गईं। दिल्ली में दवा संदिग्ध लगने पर सैंपल लेकर जांच कराई तो ये नकली मिली। फर्म की जांच की गई। इसमें खरीद-बिक्री के सभी बिल प्रस्तुत किए। इसके मुताबिक कोई गड़बड़ी नहीं प्रतीत हो रही थी।

संचालक के लैपटॉप को खंगाला तो इसमें एक ही बिल से कई मेडिकल एजेंसी को दवाएं बेचना पाया गया। इसी से नकली दवाओं की असली बिल से तस्करी का खेल पकड़ में आया। औषधि विभाग टीम ने 15 मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर दवाएं जब्त की हैं। तीन मेडिकल स्टोर सीज किए गए। कई विक्रेता भाग गए हैं। टीम को जांच के समय सैंपल और सरकारी दवाएं मिलीं। साथ ही गोदाम भी पकड़ा। सहायक आयुक्त औषधि लखनऊ बृजेश यादव का कहना है कि जांच अभी चल रही है। सैंपल और सरकारी दवाएं बेचना अपराध है।