मुंबई। भ्रामक दवा और फर्जी विज्ञापनों को लेकर रेड करने का मामला प्रकाश में आया है। फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन महाराष्ट्र ने राज्य में कार्रवाई शुरू कर दी है। कई जिलों में एक साथ विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन कर बेची जा रही दवाओं का भारी मात्रा में स्टॉक जब्त किया गया। एफडीए ने सात क्षेत्रों के 12 आयुर्वेदिक दवा विक्रेता और प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान कुल ₹73,24,656 मूल्य की नियमों का उल्लंघन करने वाली दवाएं जब्त की गईं।
इस कार्रवाई में विशेष रूप से दिव्या फार्मेसी के विभिन्न उत्पादों को निशाना बनाया गया। कंपनी के कुछ उत्पादों के विज्ञापनों मे दावे किए जा रहे थे जो कानून के विरुद्ध हैं। पुणे में जांच के दौरान दो मिसब्रांडेड एलोपैथिक दवाओं का लगभग 21.83 लाख का स्टॉक पकड़ा गया।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षित खाद्य पदार्थ और दवाएं हर नागरिक का मूल अधिकार हैं। इसे सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विभाग पूरी सख्ती और तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।










