पटना (बिहार)। चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम ) को लेकर पूरे राज्य में अलर्ट कर दिया गया है। कई जिलों के अस्पतालों में पीकु वार्ड बना दिए गए हैं। बढ़ती गर्मी और उमस के बीच चमकी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। साथ ही मरीजों के त्वरित इलाज के लिए इंतजाम करने को कहा है।

कई जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। खासकर उत्तर बिहार के प्रभावित जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। वहां हर साल गर्मियों के दौरान बच्चों में चमकी बुखार के मामले सामने आते हैं।

इससे प्रभावित 15 जिलों में 10 बेड वाले पीकु वार्ड तैयार किए गए हैं। जिला अस्पतालों में पांच और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो बेड रिजर्व रखने का निर्देश दिया है।

बिहार में हर साल गर्मी के मौसम में चमकी बुखार के मामले सामने आते हैं। औसतन 200 बच्चे इस बीमारी से प्रभावित होते हैं। इनमें 30-40 प्रतिशत तक की मौत हो जाती है। वर्ष 2019 में 150 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी। इस साल भी लगातार बढ़ती गर्मी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।