नागपुर (महाराष्ट्र)। स्किन क्लिनिक पर एलोपैथिक दवाओं की अवैध बिक्री का भंडाफोड़ हुआ है। एफडीए ने धंतोली क्षेत्र में एक स्किन क्लिनिक पर छापा मारकर 7 लाख की दवाएं जब्त की है। क्लिनिक में एलोपैथिक दवाएं बिना लाइसेंस के बेची जा रही थी। मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के आरोप में एफडीए ने यह कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि क्लिनिक के पास दवा बिक्री का वैध लाइसेंस नहीं था। मरीजों को दूसरी लाइसेंसधारी संस्था के नाम से बिल जारी किए जा रहे थे।

एफडीए ने की कार्रवाई

धंतोली गार्डन के समीप स्थित ‘न्यू रूट्स स्किन, लेजर एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक’ है। यहां बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री की सूचना मिली। इसके आधार पर एफडीए की टीम ने क्लिनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाओं का संग्रह मिला।

ऑपरेशन मैनेजर आकांक्षा बोंद्रे से दवाओं की खरीद से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। वह आवश्यक कागजात नहीं दे पायी। जांच में पता चला कि क्लिनिक के पास दवा बिक्री का लाइसेंस नहीं है। मरीजों को नासिक स्थित लाइसेंसधारी संस्था ‘116 रेमेडीज’ के नाम से बिल दिए जा रहे थे। एफडीए ने इसे अधिनियम 1940 की धारा 18 का उल्लंघन माना है। कार्रवाई के दौरान चार दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए गए। जबकि 25 प्रकार की दवाओं का लगभग 7 लाख रुपए का स्टॉक जब्त किया गया।

जब्त दवाओं में एंटीबायोटिक्स, एंटीफंगल दवाएं, केटोकोनाजोल युक्त उत्पाद, मेडिकेटेड शैंपू तथा पीपीआई श्रेणी की दवाएं शामिल हैं। एफडीए ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।