मुंबई। सन फार्मा ने बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने इनोवकेयर लाइफसाइंसेज का 100 प्रतिशत अधिग्रहण करने की घोषणा की है। बताया गया है कि कुल 271 करोड़ यह अधिग्रहण किया जाएगा। सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने अपने कारोबार को और मजबूत बनाने के लिए यह कदम उठाया है। इस खबर के बाद फार्मा सेक्टर में काफी चर्चा शुरू हो गई है। निवेशकों की भी इस डील पर नजर बनी हुई है।
सन फार्मा ने बताया कि उसने इनोवकेयर लाइफसाइंसेज के सभी बकाया शेयर खरीदने के लिए समझौता कर लिया है। कंपनी को उम्मीद है कि यह सौदा 31 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। अधिग्रहण पूरा होने के बाद इनोवकेयर पूरी तरह से सन फार्मा की सहायक कंपनी बन जाएगी। उसका संचालन भी सन फार्मा के कंट्रोल में होगा। यह अधिग्रहण उसकी उत्पाद श्रृंखला को और मजबूत बनाने की रणनीति का हिस्सा है। वर्तमान में दवा उद्योग में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
बड़ी कंपनियां अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने के लिए नई कंपनियों का अधिग्रहण कर रही हैं। सन फार्मा भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। इनोवकेयर लाइफसाइंसेज की स्थापना जुलाई 2014 में हुई थी। यह कंपनी भारत में दवाओं के साथ-साथ न्यूट्रास्यूटिकल और कॉस्मेस्यूटिकल की मार्केटिंग और बिक्री करती है। कंपनी का पूरा कारोबार फिलहाल भारतीय बाजार तक ही सीमित है।










