जम्मू। अस्पताल में बच्ची को एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने का मामला सामने आया है। चिकित्सा अधीक्षक ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति को चौबीस घंटे के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। उक्त बच्ची को गांधीनगर अस्पताल लाया गया था। उसे तेज बुखार की शिकायत थी। डॉक्टरों ने उसे वार्ड में भर्ती कर दिया।

स्वजन का आरोप है कि बच्ची को पैरासिटामोल का इंजेक्शन देने पर कुछ संदेह हुआ। उन्होंने इंजेक्शन को देखा तो जनवरी 2026 तक एक्सपायरी डेट थी। सिर्फ एक इंजेक्शन नहीं, बल्कि पूरा डिब्बा भरा हुआ था। स्वजन ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा.नरेंद्र भूटियाल ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई। इसमें फिजिशियन डा. राजेश भगत को चेयरमैन बनाया है। जबकि मेडिकल आफिसर डा. अनु गुप्ता और मैट्रन लीला देवी को सदस्य बनाया गया है। आरोप है कि शिकायत के बाद अब अस्पताल से एक्सपायर इंजेक्शन का डिब्बा छिपा दिया गया है। पता नहीं उक्त इंजेक्शन कितने बच्चों को अभी तक लगाया गया होगा। इसकी जांच होनी चाहिए।