सिवान (बिहार)। अस्पताल में स्ट्रेचर के इंतजार में प्रसूता की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। मामला मॉडल सदर अस्पताल का है। यहां एक प्रसूता कि मौत हो गई। स्वजन का आरोप है कि उन्हें अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिला। उसके इंतजार में प्रसूता ने दम तोड़ दिया।इस कारण अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए स्थिति असहज हो गई थी।
पहली घटना गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी जुल्फिकार अहमद के साथ हुई। आरोप है कि इशरत जहां की प्रसव के बाद तबीयत बिगडऩे पर सदर अस्पताल रेफर किया गया था। सरकारी एंबुलेंस से उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां एंबुलेंस कर्मियों ने अपना स्ट्रेचर देने से इनकार कर दिया। अस्पताल से स्ट्रेचर लाने को कहा।
उस वक्त अस्पताल में केवल दो स्ट्रेचर थे। ये पहले से ही मरीजों के लिए उपयोग में थे। करीब आधे घंटे तक इशरत
एंबुलेंस में ही दर्द से कराहती रही। स्वजन अस्पताल कर्मियों से लेकर एंबुलेंस स्टाफ तक गुहार लगाते रहे। किसी ने एक न सुनी। स्ट्रेचर का इंतजाम होने तक इशरत की सांसें थम चुकी थीं।
इमरजेंसी में तनाव का माहौल
वहीं, गोपालगंज जिले के हथुआ निवासी सुरेंद्र सिंह अपनी बेटी को सर्प दंश के बाद इलाज के लिए लाए थे। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बेटी की मौत के बाद शव ले जाने के लिए शव वाहन बुलाया गया। यहां भी स्ट्रेचर की समस्या आड़े आ गई। मदद मांगने पर शव वाहन का चालक अस्पताल कर्मियों से ही उलझ गया। इससे इमरजेंसी वार्ड में तनाव का माहौल बन गया। इसके बाद पिता सुरेंद्र सिंह शव को अपने कंधे पर शव वाहन तक ले गए।










