नोएडा। मेदांता अस्पताल की मनमानी पर सीएमओ ने नोटिस जारी किया है। नामी निजी अस्पताल मेदांता के खिलाफ एक मरीज की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ है। शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी िकया। नोटिस में कई गंभीर बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मरीज ने इलाज के दौरान निर्धारित राशि से कहीं अधिक बिल वसूलने का आरोप लगाया है। अस्पताल में तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों के पंजीकरण पर भी सवाल उठे हैं।

यह है मामला

ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा निवासी प्रशांत ने सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। अस्पताल में भर्ती करते समय उन्हें रोजाना इलाज का 50-60 हजार रुपये खर्च बताया। इलाज पूरा होने पर बिल में अनुमानित राशि के लगभग दोगुने खर्च का जिक्र किया गया।

अस्पताल ने अतिरिक्त शुल्क लगाने से पहले कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी। न ही बिल बढ़ने का कोई ठोस कारण बताया। इस तरह की बिलिंग से मरीजों और परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पैदा होता है। शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद इसे स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर के सीएमओ कार्यालय ने पूरे मामले पर जांच शुरू की। जांच में अस्पताल की बिलिंग पद्धति के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाएं और कर्मचारियों के रिकार्ड भी देखे गए। प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आने पर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल से तय समय में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।