हिसार (हरियाणा)। अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं मिलने पर नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पहले हिसार के नागरिक अस्पताल, फिर रोहतक के अस्पताल में आवश्यक सुविधा नहीं मिली। इससे मासूम की जान चली गई। घटना के बाद परिवार ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

यह है मामला

महावीर कॉलोनी निवासी पूजा को प्रसव के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के जरिए उन्होंने बेटे को जन्म दिया। जन्म के तुरंत बाद नवजात को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है। बच्चे को बेहतर इलाज के लिए रोहतक के अस्पताल रेफर कर दिया। भरोसा दिलाया गया कि रोहतक के अस्पताल में वेंटिलेटर की व्यवस्था हो जाएगी। रोहतक पहुंचने पर भी नवजात को यह सुविधा नहीं मिल सकी। पूरी रात उन्होंने अस्पताल स्टाफ से गुहार लगाई। बाद में उन्हें हाथ से संचालित ऑक्सीजन पंप (एंबू बैग) दिया गया।

बच्चे के पिता राकेश ने आरोप लगाया कि वे रातभर एंबू बैग के जरिए बेटे को ऑक्सीजन देते रहे। आरोप है कि सुबह तक भी वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं हो सकी। इसके बाद उन्हें बच्चे को वापस ले जाने के लिए कहा गया। उन्हें सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके चलते निजी एंबुलेंस से नवजात को हिसार लाया गया। उनका दावा है कि रास्ते में बच्चे की सांसें चल रही थीं।

हिसार पहुंचकर जब उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजन नवजात का शव लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे और विरोध जताया। कहा कि यदि समय पर वेंटिलेटर सुविधा मिल जाती तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।