बिजनौर (उप्र)। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया है। एक परिवार के कई-कई लोगों को मरीज बनाकर अस्पताल में भर्ती दिखाया गया। कुछ को बिना जरूरत आइसीयू भर्ती करना दिखाया। जो डाॅक्टर उपलब्ध नहीं, उनको बुलाने का बिल बनाया गया।

इलाज के फर्जी परचे तैयार कर लाखों के भुगतान का दावा प्रस्तुत किया गया। बिजनौर के 20 अस्पतालों के निरीक्षण में इसका राजफाश हुआ है।

सबसे ज्यादा गड़बड़ी छह अस्पतालों में मिली हैं। उनका भुगतान रोका गया है। संबद्धता निलंबित करने का नोटिस दिया गया है। वहीं, 10 अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस दिया है। जवाब आने तक इनका भुगतान भी रोक दिया गया है।

बताया गया कि एसटीजी तथा गुणवत्ता मानकों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष टीम को बिजनौर भेजा था। टीम ने 20 योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों का निरीक्षण किया। मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवा, दस्तावेजों आिद का परीक्षण किया गया। 16 अस्पतालों की गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। इनमें से छह अस्पतालों में व्यापक गड़बड़ियां मिलीं। इनकी संबद्धता निलंबित करने का नोटिस दिया गया है। भुगतान पर रोक लगा दी गयी है। अब जुर्माने की गणना की जाएगी। नियमानुसार अब तक के भुगतान का 10 गुना अधिक जुर्माना लगेगा। आडिट एजेंसी को भी नोटिस किया गया है। जिला कार्यक्रम समन्वयक को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है।