नई दिल्ली। SUN PHARMA को लिपिटर पेटेंट निपटान मामले में कोर्ट से जीत मिली है। एटोरवास्टैटिन के लिए फाइजर-रैनबैक्सी पेटेंट समझौते से संबंधित लंबे समय से अमेरिका में केस चल रहा था। सन फार्मा ने इस मुकदमे में अनुकूल परिणाम हासिल किया है।
आरोप लगा था कि समझौते ने गैरकानूनी रूप से जेनेरिक प्रतिस्पर्धा में देरी की। समझौते के बिना, जेनेरिक लिपिटर अमेरिकी बाजार में पहले ही प्रवेश कर चुका होता। अमेरिकी न्यायालय ने सन फार्मा के पक्ष में निर्णय को बरकरार रखा है। साथ ही वादियों को वर्ग प्रमाणन से इनकार करने के जिला न्यायालय के फैसले को भी बरकरार रखा है। सन फार्मा ने कहा कि यह निर्णय कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है। 2014 में सन फार्मा द्वारा रैनबैक्सी के अधिग्रहण के बाद से यह मुकदमा कानूनी अड़चन बना हुआ था।










