आजमगढ़ (यूपी)। थोक दवा लाइसेंस अब रिश्तेदारों के नाम पर नहीं मिलेगा। दवा के अवैध और नकली कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने नियम सख्त किए हैं। अब अवैध दवा कारोबार में संलिप्त मिले लोगों से जुड़े व्यक्तियों के नाम पर लाइसेंस जारी नहीं होंगे। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।

यह है मामला

कुछ अवैध गतिविधियों में संलिप्त कारोबारी कार्रवाई के बाद अपने संबंधित लोगों के नाम पर औषधि लाइसेंस लेकर कारोबार करते हैं। अब ऐसे मामलों की पहचान की जाएगी। लाइसेंस प्रक्रिया में आवेदक की पृष्ठभूमि के साथ ही उसके कारोबारी संबंधों की भी जांच होगी। लाइसेंस जारी करने से पहले यह देखा जाएगा कि संबंधित व्यक्ति के दस्तावेज लाइसेंस स्वामी के नाम पर ही हैं या नहीं। शासन ने पहले डिबार किए जा चुके कारोबारी को दोबारा लाइसेंस प्रक्रिया में शामिल होने से भी रोका है। इससे दूसरे लोगों के नाम पर लाइसेंस लेकर कारोबार करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सकेगी।

औषधि निरीक्षक सीमा वर्मा ने बताया कि आजमगढ़ में कई मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। अब शासन के नए निर्देशों के तहत जिले में सख्ती बढ़ाई जाएगी। दवाई के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए सख्ती बरती जा रही है। अवैध कारोबारियों के रिश्तेदारों के नाम पर भी थोक औषधि लाइसेंस जारी नहीं होंगे। इससे नकली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।