मुंबई। फाइजर दवा कंपनी का हाई ब्लड प्रेशर दवा ब्रांड नोवार्टिस खरीदेगी। दवा कंपनी नोवार्टिस ने अपने कार्डियोवैस्कुलर पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए बड़ी डील की है। कंपनी ने फाइजर से मिनीप्रेस और मिनीप्रेस ब्रांड खरीदने का फैसला किया है। यह सौदा करीब 1,250 करोड़ रुपये में होगा।
नोवार्टिस इंडिया के बोर्ड ने इस सौदे को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने फाइजर इंक और फाइजर प्रोडक्ट्स इंक के साथ एसेट खरीद समझौता और ट्रेडमार्क ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। समझौते पर हस्ताक्षर और सौदे को पूरा करने की प्रक्रिया एक साथ की जाएगी।
डील में नोवार्टिस को क्या मिलेगा?
सौदे के तहत नोवार्टिस इंडिया को भारत में रजिस्टर्ड मिनीप्रेस और मिनीप्रेस ट्रेडमार्क मिलेंगे। इन ब्रांड से जुड़े कुछ बौद्धिक संपदा अधिकार भी कंपनी को मिलेंगे। नोवार्टिस इंडिया ने बताया कि यह संबंधित पक्षों के बीच होने वाला सौदा नहीं है। फाइजर इंक और फाइजर प्रोडक्ट्स इंक का नोवार्टिस की दूसरी कंपनियों से कोई संबंध नहीं है। भारत में इस दवा का इस्तेमाल मुख्य रूप से हाई ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए किया जाता है।
पिछले चार वर्षों में ब्रांड की आय सालाना औसतन 6.3 फीसदी बढ़ी है। हालांकि, इसी अवधि में पूरी संबंधित दवा श्रेणी की सालाना औसत वृद्धि 9 फीसदी रही। सौदे की 1,250 करोड़ की कीमत मिनीप्रेस की पिछले 12 महीने की आय की करीब 5.5 गुना है। फाइजर लिमिटेड ने कहा कि उसने भारत में मिनीप्रेस की मार्केटिंग, वितरण और बिक्री बंद कर दी है। मिनीप्रेस पहले से बाजार में स्थापित ब्रांड है। इससे सालाना 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय हो रही है। इस अधिग्रहण से नोवार्टिस को अपना पोर्टफोलियो बढ़ाने में मदद मिलेगी।










