वाराणसी (यूपी)। ड्रग वेयरहाउस के तीन सैंपल फेल मिले हैं। इसके चलते दवा वितरण पर रोक लगा दी गई है। जिला ड्रग वेयरहाउस से एजिथ्रोमाइसीन एंटीबायोटिक के चार सैंपल लिए गए थे। इनमें बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इनमें से तीन सैंपल मिस्ब्रांड यानी लेबल में गंभीर अनियमितता वाले मिले हैं। इस खुलासे के बाद संबंधित दवा का वितरण तुरंत रोक दिया गया है। संबंधित कंपनी से जवाब तलब किया गया है।
यह है मामला
औषधि प्रशासन की टीम ने वेयरहाउस से एजिथ्रोमाइसीन के सैंपल लिए थे। जांच रिपोर्ट में चार में से तीन सैंपल में लेबल संबंधी गड़बड़ी िमली। मिस्ब्रांड में बैच नंबर, एक्सपायरी डेट, निर्माण तिथि में अंतर मिला है। ये एजिथ्रोमाइसीन सनराइज तेलंगाना की बनाई हुई हैं। ऐसी दवाओं को बांट कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया गया है। सरकारी अस्पतालों में बांटना यह कानूनी रूप से अवैध माना जाता है।
तेलंगाना सरकार से उत्तर प्रदेश के ड्रग वेयर हाउस में खरीदारी की गई है। इसके बाद लखनऊ से ही विभिन्न ड्रग वेयर हाउस में दवाओं की सप्लाई की गई। यह दवा सीएचसी-पीएचसी और जिलास अस्पतालों में भेजी जा चुकी है। ड्रग इंस्पेक्टर जूनाब अली ने बताया कि सैंपलिंग कर इस पर रोक लगा दी है। संबंधित सप्लायर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में सेल-परचेस के पूरे रिकार्ड, बिल, आदि सभी दस्तावेज पेश करने को कहा है। साथ ही इस बैच की शेष दवा मरीजों को देने पर रोक लगा दी है।










