नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) में देश का दवा निर्यात करीब 4.9 प्रतिशत बढ़कर 16.13 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 15.38 अरब डॉलर था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के शुरुआती आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है।
जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही में निर्यात 3.04 प्रतिशत बढ़कर 8.035 अरब डॉलर रहा। अकेले सितंबर महीने में निर्यात लगभग 4.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2.744 अरब डॉलर दर्ज किया गया। रुपये में देखें तो छमाही के दौरान निर्यात 15.45 प्रतिशत बढ़कर 1,53,525 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
इसी अवधि में औषधीय पौधों और फार्मा उत्पादों का आयात 2.48 प्रतिशत बढ़कर 4.773 अरब डॉलर रहा, जबकि दूसरी तिमाही में आयात 4.31 प्रतिशत घटा।
उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2025-26 में दवा निर्यात की वृद्धि दर केवल 2.13 प्रतिशत रही थी। अमेरिकी टैरिफ की आशंकाओं और पश्चिम एशिया संकट से आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े असर के कारण वह साल कारोबार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारत दवा निर्यात मूल्य के हिसाब से दुनिया में 11वें स्थान पर है और 191 देशों को दवाएं भेजता है।
