मुंबई। इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IDMA) ने अपनी सदस्य दवा कंपनियों से वित्त वर्ष 2025-26 का यूनिफॉर्म कोड फॉर फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज (UCPMP) डिस्क्लोजर फॉर्म जल्द से जल्द जमा करने को कहा है। यह फॉर्म कंपनियों के मार्केटिंग खर्च का ब्योरा देने के लिए जरूरी है।
IDMA ने स्पष्ट किया है कि यह रिमाइंडर केवल उन कंपनियों के लिए है जिन्होंने अभी तक फॉर्म नहीं भेजा है। जिन कंपनियों ने पहले ही फॉर्म जमा कर दिया है, उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है। फॉर्म PDF फॉर्मेट में तय ईमेल पते पर एसोसिएशन के सचिवालय को भेजना होगा।
यह कदम फार्मास्युटिकल्स विभाग (DoP) के 1 सितंबर 2025 के सर्कुलर नंबर 3 के बाद उठाया गया है, जिसके जरिए UCPMP 2024 में संशोधन कर मार्केटिंग खर्च के डिस्क्लोजर फॉर्म का नया प्रारूप लागू किया गया था। पुराना फॉर्म इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को संशोधित सर्कुलर देखकर नया प्रारूप अपनाने की सलाह दी गई है। संबंधित दिशा-निर्देश IDMA की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
UCPMP का उद्देश्य दवा कंपनियों और डॉक्टरों के बीच संबंधों में पारदर्शिता लाना और नैतिक मार्केटिंग को बढ़ावा देना है। IDMA के महासचिव डॉ. टी.एस. परमार ने लंबित कंपनियों से बिना देरी प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया है।
