अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में 44 रुपये का इंजेक्शन 744 में खरीदने का भंडाफोड़ हुआ है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में दवाओं की खरीद में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। इससे पहले लगभग 40 लाख का अनावश्यक वाटरलेस शैंपू व बॉडीवाश खरीदे जाने का मामला आया था। इसकी जांच चल रही है। इसी बीच दवाओं की खरीद मेंउल्लंघन का मामला सामने आया है।
पूर्व प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा के कार्यकाल में नियम विरुद्ध दवाएं खरीदी गईं। यूपी मेडिकल कारपोरेशन के बजाय स्थानीय खरीद (एलपी) को महत्व दिया गया। यही वजह रही कि केजीएमयू की अनुबंध दर से बीस गुणा महंगी दवाएं खरीदी गईं।
बुखार का इंजेक्शन पैरासीटामोल 100 एमएल अनुबंध दर से 44 रुपये में मिलती है। उसी को आरडी मेडिकल कॉलेज में स्थानीय स्तर पर 744 रुपये में खरीदा गया। यह प्रकरण तब उजागर हुआ, जब आपूर्ति कंपनी ने अवशेष भुगतान की मांग की। जब इसे प्राचार्य डा. दिनेश सिंह मार्तोलिया के समक्ष लाया गया तो उन्होंने इसके भुगतान पर रोक लगा दी है। मेडिकल कॉलेज में वित्तीय वर्ष 2025-26 में दवाओं की लोकल खरीद तीन करोड़ 75 लाख नौ हजार रुपये से की गई है। वहीं यूपी मेडिकल कारपोरेशन से सिर्फ एक करोड़ 50 लाख रुपये की दवाएं ही खरीदी गईं।
इसमें इंजेक्शन मेरोपेनम 110 रुपये के स्थान पर एलपी से एक हजार 67 रुपये में खरीदा गया। इसका करीब 90 प्रतिशत भुगतान भी पूर्व प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने अप्रैल जनवरी 2026 तक कर दिया।
प्राचार्य डॉ. डीके मार्तोलिया ने बताया कि फाइलें देखी जा रही हैं। बड़ी अनियमितता सामने आने पर भुगतान पर रोक लगा दी है। शासन को पूरे प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।










