नई दिल्ली। Weight Loss करने के लिए अब केवल 12 इंजेक्शन जरूरी हैं। शुरुआती चरण में मरीजों को साप्ताहिक डोज दी जाएगी। इसके बाद उन्हें महीने में केवल एक इंजेक्शन लेना होगा। इसका मतलब है कि सालभर में 52 इंजेक्शन की जगह केवल 12 इंजेक्शन की जरूरत पड़ेगी।

मोटापे और डायबिटीज के इलाज में एक बड़ा बदलाव आने की संभावना है। दवा कंपनी फाइजर ने अपनी नई प्रायोगिक दवा बेरोबेनेटाइड के मिड-स्टेज ट्रायल के नतीजे जारी किए हैं। इस दवा की मंजूरी के बाद महीने में सिर्फ एक बार इंजेक्शन के रूप में लेना होगा। मौजूदा समय में वेगोवी और जेडबाउंड जैसी दवाएं साप्ताहिक इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं।

इसके विपरीत ब्राबांटिया का उद्देश्य मरीजों के लिए इलाज को अधिक सुविधाजनक बनाना है। वेस्पर-3 नामक क्लिनिकल ट्रायल में डायबिटीज से पीडि़त न होने वाले प्रतिभागियों का वजन 12.3 प्रतिशत तक कम हुआ। जो मरीज बाद में मासिक डोज पर गए, उनका वजन कम होना जारी रहा। वजन घटने की प्रक्रिया किसी ठहराव पर नहीं पहुंची।

एम्स दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अनूप मिश्रा का कहना है कि बेरोबेनेटाइड की सबसे बड़ी खासियत इसकी मासिक डोजिंग है। भारत में लंबे समय तक इलाज जारी रखना बड़ी चुनौती होता है। ऐसे में महीने में केवल एक बार इंजेक्शन लेने की सुविधा मरीजों की उपचार के प्रति प्रतिबद्धता बढ़ा सकती है। इलाज छोडऩे की संभावना कम कर सकती है। अब इस दवा के फेज-3 ट्रायल्स पर नजर रहेगी। इसमें लंबे समय तक वजन कम रहने की क्षमता, सुरक्षा जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि यह अपने अंतिम ट्रायल्स में सफल रहती है तो इसके 2029 के मध्य तक मरीजों के लिए उपलब्ध होने की संभावना है।