जबलपुर (मप्र)। बुखार में दी जाने वाली बच्चों की दवा लैब टेस्ट में फेल मिली है। सरकारी अस्पतालों में बांटा जाने वाला पेरासिटामोल पेडियाट्रिक ओरल सस्पेंशन आईपी दवाई का एक बैच अमानक निकला। हैरानी वाली बात ये है कि ये रिपोर्ट डेढ़ साल में आई है। अब तक अस्पतालों में इस दवा का स्टाॅक भी खत्म हाे चुका है। सीएमएचओ नवीन कोठारी ने बताया कि अब इस दवा को मरीज को देने से रोक दिया जाएगा।

सीएमएचओ कोठारी ने बताया कि बच्चों को बुखार में यह दवा दी जाती है। इस दवा का निर्माण मेसर्स जनिथ ड्रग्स लिमिटेड इंदौर ने किया था।

2024 में भेजे सैंपल की रिपोर्ट 2026 में मिली

कोठारी ने बताया कि 2024 के अंतिम महीने में पेरासिटामोल पेडियाट्रिक ओरल सस्पेंशन आईपी का सैंपल जांच के लिए भेजा था। इसकी रिपोर्ट अभी आई है। अगस्त 2026 में यह दवा एक्सपायर होने वाली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह दवा बच्चों को देने लायक नहीं है। इस दवा को क्लम्स के कारण अमानक किया गया है। पेरासिटामोल चाशनी जैसा रहता है, उसमें क्रिस्टल आ गए हैं। इन्हे ही क्लम्स बोलते हैं। इसी कारण इसे अमानक किया गया है। निर्देश दिए हैं कि इस दवा को वापस मंगा लिया जाए। इसे मरीज को देने पर तुरंत रोक लगा दी गई है।