नई दिल्ली। RML अस्पताल की भारी लापरवाही सामने आई है। एक जिंदा मरीज को मृत घोष कर दिया गया। तीमारदारों को उसका डेथ सर्टिफिकेट थमा दिया। राजधानी के प्रतिष्ठित सरकारी डा. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में मरीज जितेंद्र कुकरेती को मृत घोषित कर दिया। उनकी डेथ समरी और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और उसकी दस्तावेजी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

यह है मामला

अशोक विहार निवासी 51 वर्षीय जितेंद्र कुकरेती पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। उन्हें आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के दस्तावेजों में उन्हें जनरल सर्जरी विभाग में भर्ती दिखाया गया है। जारी डेथ समरी में उनकी मृत्यु दर्ज कर दी गई। स्वजन का आरोप है कि उपचार के दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही। उसे उचित देखभाल नहीं मिली।

उनका आरोप है कि डिस्चार्ज प्रक्रिया के दौरान अस्पताल ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। परिवार ने इसे गंभीर प्रशासनिक और चिकित्सीय लापरवाही बताया है। यदि समय रहते मरीज को दूसरे अस्पताल न ले जाया जाता तो सच्चाई सामने नहीं आती। दूसरे अस्पताल में उपचार के बाद मरीज की जान बच गई। मामला सामने आने पर अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बारे में आरएमएल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. विवेक दीवान को फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। अस्पताल के जनसंपर्क विभाग के पदाधिकारियों ने भी फोन नहीं उठाया। मैसेज करने पर भी कोई जवाब नहीं दिया गया।