नई दिल्ली। कोडीन कफ सिरप के एक मामले में दिल्ली की अदालत ने आरोप तय किए हैं। 4,300 किलो से अधिक कोडीन कफ सिरप रखने पर एक के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि सबूतों से उसके खिलाफ गंभीर संदेह पैदा होता है। प्रथम दृष्टया आरोपी विपिन चावला के खिलाफ मामला बनता है।
यह है मामला
दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने आजादपुर स्थित एक दुकान पर रेड की थी। मौके से कफ सिरप की 36,238 बोतलें बरामद की गईं। जब्त किए नशीले पदार्थ का वजन लगभग 4,312 किलोग्राम था। यह सरकार द्वारा निर्धारित व्यावसायिक मात्रा सीमा से अधिक था। अदालत ने आरोपी के इस बचाव को खारिज कर दिया कि वह फर्म में केवल एक प्रबंधक था।
स्टॉक आपूर्तिकर्ता को वापस किया जा रहा था। वहीं, फर्म के पास वैध लाइसेंस थे। अदालत ने कहा कि जिस परिसर में ड्रग्स का भंडारण किया गया था, वह बिना लाइसेंस के था। मूल रूप से आरोपी को 48,818 बोतलें आपूर्ति की गई थीं। केवल 36,238 ही बरामद हुईं। शेष 12,580 बोतलों को अवैध रूप से बाजार में बेच दिया गया होगा। फोरेंसिक रिपोर्टों से संदिग्ध बिलों पर चावला के हस्ताक्षर मिले हैं। यह प्रतिबंधित पदार्थों की खरीद में उनकी संलिप्तता को साबित करते हैं। इनके चलते आरोपी की नशीला पदार्थ भंडारण में संलिप्तता का संदेह पैदा होता है।










