इटवा, (सिद्धार्थनगर) उप्र। अस्पताल संचालन पर रोक के बावजूद ऑपरेशन करने का मामाल सामने आया। जनता सेवा अस्पताल में रोक पर भी दो प्रसूताओं के ऑपरेशन किए गए। स्वास्थ्य विभाग ने सूचना मिलते ही देर रात अस्पताल को सील कर दिया। भर्ती दोनों महिलाओं को रेफर कराया गया।
यह है मामला
इसी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद बिना प्रशिक्षित चिकित्सक से ऑपरेशन कराने का आरोप लगा था। सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। इटवा पुलिस ने संचालक के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज किया था। जांच के दौरान अस्पताल का संचालन बंद रखने के निर्देश दिए थे। परिसर के बाहर इसकी सूचना भी चस्पा कर दी गई थी।
जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई लंबित थी। इसी बीच अस्पताल के भीतर दो गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन करने की सूचना मिली। एक महिला कठेला और दूसरी धोबहा क्षेत्र की बताई गई। सूचना मिलते ही सीएमओ के निर्देश पर रात में टीम अस्पताल पहुंची।
टीम को देखते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। अधिकांश कर्मचारी मौके से भाग निकले, जबकि एक कर्मी बेड के नीचे छिपा मिला। दो युवतियां भी अस्पताल परिसर में मिलीं। इन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। भर्ती मरीजों से संबंधित आवश्यक अभिलेख भी उपलब्ध नहीं मिले। दोनों प्रसूताओं को मेडिकल कॉलेज भेजते हुए अस्पताल को सील कर दिया गया।
सीएचसी अधीक्षक डा. संदीप द्विवेदी ने बताया कि संयुक्त टीम ने जांच की। मौके पर दो ऑपरेशन किए जाने की पुष्टि हुई है। अस्पताल को सील कर दिया गया है। विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजी जा रही है। आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।










