नई दिल्ली। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने लैब और डायग्नोस्टिक जांच में इस्तेमाल होने वाले प्रिपेयर्ड कल्चर मीडिया की निर्यात नीति में संशोधन किया है। इसके तहत निर्यातक अब जरूरत पड़ने पर हर खेप के लिए शिपमेंट क्लीयरेंस सर्टिफिकेट और हेल्थ सर्टिफिकेट ले सकेंगे। ITC(HS) कोड 38210000 के तहत इन उत्पादों का ‘फ्री’ निर्यात दर्जा पहले की तरह बना रहेगा।
कल्चर मीडिया का उपयोग वायरस सहित सूक्ष्मजीवों और पौधों, मनुष्यों या जानवरों की कोशिकाओं को विकसित करने में होता है। इनका इस्तेमाल प्रयोगशाला, शोध और डायग्नोस्टिक कार्यों में होता है। कई आयातक देश इनके लिए विशेष प्रमाणपत्र मांगते हैं, जिससे भारतीय निर्यातकों को दिक्कत होती थी।
नई व्यवस्था में शिपमेंट क्लीयरेंस सर्टिफिकेट केमिकल एंड एलाइड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CAPEXIL) जारी करेगी। इसमें निर्यातक का नाम-पता, IEC नंबर, प्लांट अप्रूवल नंबर, उत्पाद, मात्रा, इनवॉइस और बंदरगाह की जानकारी होगी। जहां आयातक देश अनिवार्य करे, वहां हेल्थ सर्टिफिकेट CAPEXIL और पशुपालन विभाग के क्षेत्रीय पशु संगरोध अधिकारी संयुक्त रूप से जारी करेंगे।
यह संशोधन विदेश व्यापार (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1992 और विदेश व्यापार नीति, 2023 के तहत किया गया है। इससे डायग्नोस्टिक और रिसर्च उत्पादों के निर्यातकों को विदेशी बाजारों की शर्तें पूरी करने में आसानी होगी।
