नोएडा (उप्र)। नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने दो आरोपियों को फिल्म सिटी के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से करीब 7.25 लाख रकी 3,600 शीशी अवैध कफ सिरप बरामद की। यह खेप एक फॉर्च्यूनर कार में भरकर नोएडा लाई जा रही थी। पुलिस का दावा है कि बरामद कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है। इस मामले में गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

यह है मामला

एसीपी प्रवीण सिंह ने बताया कि पुलिस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान लूप के पास एक संदिग्ध फॉर्च्यूनर कार को रोककर जांच की। तलाशी लेने पर कार में रखे 15 बोरों से भारी मात्रा में अवैध कफ सिरप बरामद हुआ। कफ सिरप ओनेरेक्स 100 एमएल ब्रांड का है। कुल 3,600 शीशियों की बरामदगी हुई। सिरप की प्रत्येक पांच मिलीलीटर मात्रा में 10 मिलीग्राम कोडीन फॉस्फेट है। कोडीन युक्त दवाओं का निर्धारित चिकित्सकीय उपयोग होता है। इनका अधिक मात्रा में सेवन करने पर नशे जैसा प्रभाव उत्पन्न होता है। इसी वजह से ऐसी दवाओं की अवैध तस्करी का कारोबार तेजी से फैल रहा है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीयूष वर्मा और कपिल विश्वकर्मा के रूप में हुई। दोनों रीवा जिले के रहने वाले हंै। दोनों आरोपी नशीले कफ सिरप की खेप सप्लाई का काम करते थे। पुलिस को शक है कि इसके पीछे अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है।